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Event/Activities

10 Day Summer Camp At Mukand Lal Public School

मुकन्दलाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी में 27 मई से 8 जून तक चलने वाले  दस दिवसीय ग्रीष्म कालीन शिविर का समापन कैम्पर्स द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रम से हुआ | इस शिविर में कक्षा 1 से IX तक के 277 बच्चों ने गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए नई जानकारियाँ ली तथा विभिन्न गतिविधियों द्वारा अपनी प्रतिभा को निखारा |

         समापन समारोह का आरम्भ ईश्वर को स्मरण करते हुए पंजाबी शब्द गीत से हुआ आइना  ने सबका स्वागत किया | इस अवसर पर बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित थे | बच्चों ने इन दस दिनों में जो सीखा उसका ही मंच पर प्रदर्शन किया | K.G के बच्चों द्वारा नृत्य प्रस्तुति मन को आकर्षित और मंत्र मुग्ध कर देने वाली थी | कक्षा I से III तक के विद्यार्थियों का नृत्य भी आकर्षण का केन्द्र रहा वही दूसरी ओर कक्षा VI से IX तक के बच्चों द्वारा कृष्ण लीला को अपने विभिन्न भावों और नृत्य कला के माध्यम से प्रस्तुत करना भी बड़ा मनमोहक रहा| गर्मी के इस मौसम में बच्चों को चुस्त दुरुस्त बनाए रखने के लिए एरोबिक्स सिखाया गया | बच्चों ने बहुत जोश से इसकी प्रस्तुति दी | कुछ बच्चों ने वाद्यसंगीत , योगा , जिम्नास्टिक और कराटे के करतब दिखाए | थिएटर बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र था इसके अंतर्गत बच्चों ने लघुनाटिका के माध्यम से  सड़क सुरक्षा और स्वच्छता जैसे विषयों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हुए यह  जता दिया कि कैंप ने उनमें सामजिक सरोकारों के प्रति चेतना भी जागृत की है |

 इसके अतिरिक्त देश के प्रति अपने जीवन का बलिदान करने वाले सैनिकों के जीवन और कठिनाइयों से अवगत करवाते हुए कोरियोग्राफी के माध्यम से बच्चों ने देश प्रेम के भाव प्रस्फुटित किया |

        अभिनव  ने समर कैंप के अपने अनुभवों को साँझा  किया और तारिणी ने अपने इन्हीं भावों को कविता के रूप में प्रस्तुत किया | बच्चों द्वारा कैंप में सीखे गए आर्ट क्राफ्ट , पॉट मेकिंग आदि की प्रदर्शनी भी की गई | बच्चों की चित्रकला को सुन्दर तथा परिष्कृत रूप देने के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इसके अतिरिक्त बच्चों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने हेतु विशेषज्ञ दर्शन लाल बवेजा के मार्गदर्शन में कई वैज्ञानिक प्रयोग  भी किए तथा समझाए गए इन सभी गतिविधियों को अभिभावकों द्वारा भी सराहा गया |  

   प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला जी ने  सबको संबोधित करते हुए कहा  कि समर कैंप में बच्चों ने अपनी रूचि के अनुकूल अपने समय का सदुपयोग किया है तथा उन्होंने सामूहिक प्रतिभागिता का पाठ भी सीखा है | इस कैंप का बच्चों को बेसब्री से इंतजार रहता है क्योंकि वे विद्यालय में तो आते हैं परन्तु बस्तों के बोझ से दूर अपना सारा समय मौज मस्ती में बिताते हुए नया सीखते है उनके लिए इसमें ज्ञान अर्जन के बहुत से अवसर होते हैं तथा एक दूसरे से परिचित होकर अपने अनुभव तथा परिचय का दायरा बढ़ाते हैं | उन्होंने सभी बच्चों को शुभ कामनाएँ देते हुए विशिष्ट प्रतिभा दिखाने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत भी किया |

  समापन से एक दिन पूर्व बच्चों के लिए रात्रि भोज का भी प्रबंध था | जहां बच्चों ने अपने मनपसंद व्यंजनों को बहुत स्वाद से खाया | छात्र नंदिनी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया  

Environment Day Celebrated At Mukand Lal Public School

पर्यावरण मानव जीवन के आधार स्तम्भ है इसके बिना मानव जीवन की कल्पना भी असंभव है इन्ही भावों को संप्रेषित करने हेतु मुकन्दलाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी में दिनांक 5 जून  को विश्व पर्यावरण दिवस के सुअवसर पर विद्यालय प्रांगण में वृक्षारोपण कार्यक्रम  का आयोजन किया गया इसके अंतर्गत कक्षा पहली से आठवी तक के विद्यार्थियों ने लगभग 50 पौधों का रोपण किया और पेड़ो की सुरक्षा करने का संकल्प लिया |

 इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला जी  ने कहा   कि व वृक्ष प्रकृति को अलंकृत करते है पर्यावरण के इसी सौन्दर्य बोध के प्रति उन्होंने विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित  करते हुए स्वयं भी दो नीम वृक्षों का रोपण किया और नीम के गुणों से बच्चों को अवगत करवाते हुए बताया कि नीम पर्यावरण में उपस्थित नाइट्रोजन और सल्फर ऑक्साइड जैसे जहरीले गैसों को अवशोषित करके ऑक्सीजन  जैसी प्राणवायु मनुष्य को देते है |उन्होंने बच्चों को प्रेरित  करते हुए कहा कि वे प्रतिवर्ष अपने जन्म दिवस पर एक वृक्ष अवश्य लगाए ये वृक्ष उनके आने वाले कल के लिए जीवनदायी  होंगे क्योंकि वृक्ष और पर्यावरण हमारी अस्मिता के प्रतीक है और इनके प्रति सरंक्षण का भाव अपनाना अति आवश्यक है इसमें हम सबका योगदान अपेक्षित है |  पौधारोपण  के दौरान  विज्ञान विभाग के शिक्षक तथा विभागाध्यक्ष श्रीमती ममता वर्मा भी वहाँ मौजूद रहे |

   

       

Students Of Mukand Lal Public School Visited Hong Kong Park

मुकन्दलाल पब्लिक स्कूल में ग्रीष्मावकाश के दौरान समर कैंप के चलते कैम्पर्स को फन एवं मस्ती से भरे (King-Kong) वाटर वर्ल्ड ले जाया गया | बच्चों के लिए यह भ्रमण समर कैंप का मुख्य आकर्षण रहता है जिसका बच्चे बेताबी से इंतजार करते है | इसके लिए 215 कैम्पर्स अपने  अध्यापकों के साथ सुबह 8 बजे स्कूल से रवाना हुए |  वाटर वर्ल्ड पहुँचते ही बच्चे  इस चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए अपने-अपने कॉस्टयूम पहन पानी में कूद पड़े और खूब मस्ती की |मस्ती और जोश से भरे इस आलम में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था | कुछ देर  मौज-मस्ती के बाद भूख लगना स्वाभाविक था इसलिए उन्होंने वहां वितरित भोजन का पूर्ण रूप से आनन्द उठाया | इस प्रकार आमोद-प्रमोद और अठखेलियाँ करते हुए वे दोपहर बाद  वापिस आ गए जहां अभिभावक  अपने बच्चों की  प्रतीक्षा कर रहे थे | बच्चे बहुत प्रसन्नभाव और उत्साहित हो कर अपने अभिभावकों को मिले जैसे कि उन्होंने इस ट्रिप का पूर्ण रूप से आनंद उठाया | स्कूल की प्रधानाचार्या जी ने बताया कि इस भ्रमण से  बच्चों में नई स्फूर्ति के साथ-साथ खेल-खेल में एक जुट होकर काम करने की प्रवृति का विकास होगा |

Summer Camp Celebrated At Mukand Lal Public School

गर्मी की छुट्टियाँ शुरू , बस्तों का बोझ खत्म और इसके साथ ही समर  कैम्प में उत्सुकता से भाग लेने वाले बच्चों का इंतजार भी खत्म | अब वे पूरी मस्ती के साथ नई जानकारियाँ लेते हुए और प्रतिभा को निखारते हुए ग्रीष्मावकाश का सदुपयोग करेगें | इसी उद्देश्य के साथ मुकन्दलाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी में 27 मई से 8 जून तक समर कैंप का आयोजन किया गया है | इस कैंप में न केवल इस विद्यालय के ही वरन यमुनानगर के अन्य विद्यालयों के 277  बच्चे  भाग ले रहे हैं |समर कैंप  का आरम्भ बच्चों के रंगारंग कार्यक्रम से हुआ | सर्वप्रथम बच्चों ने ईश-वंदना प्रस्तुत  की | गीता  ने सभी कैम्पर्स का स्वागत किया |   रिया  और अग्रिम ने कैंप विषयक कविताएँ प्रस्तुत की | विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत लघुनाटिका ‘हम आए है समर कैंप के मेले में’-   में शानदार प्रदर्शन करते हुए इसके लाभ और आनंद के बारे में बताया तथा अपने उत्कृष्ट  अभिनय से जता दिया कि आगामी दिन कितने सुन्दर और आकर्षक होंगे | विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य तथा एरोबिक्स जहाँ मन में नई उर्जा और आनंद का संचार कर रहे थे वही  जूनियर विंग  द्वारा पाश्चात्य संगीत पर नृत्य प्रस्तुति आकर्षण का केन्द्र रही | गौरांशी  ने समर  कैंप तथा उससे जुड़ी गतिविधियों के  बारे में जानकारी दी |

प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला ने बताया कि बच्चों को इस समर कैंप का बेताबी से इंतज़ार रहता है क्योंकि मौजमस्ती से भरपूर इस कैंप में उनके लिए ज्ञान अर्जन के भी बहुत से मौके होते हैं | इसके अतिरिक्त एक  दूजे से परिचित होकर अपने अनुभव तथा परिचय का दायरा बढ़ाते हैं | उन्होंने बच्चों को संबोधित  करते हुए कहा कि यद्यपि आज उनकी  छुट्टी  का पहला दिन है वे स्कूल में है परन्तु बिलकुल बदले कुए वातावरण में | वातावरण- मौज-मस्ती का , ख़ुशी का , आनंद का और उसके साथ-साथ कुछ नया सीखने का | इस कैंप में बच्चों की  रुचि के अनुकूल कई गतिविधियों का प्रबंध किया गया जिसमें 4 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक आयु के बच्चे भाग ले रहे हैं | बच्चों को दो आयुवर्ग में बाँटा गया है | वर्ग (1) में कक्षा तीन  तक के बच्चों के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट, स्केटिंग, नृत्य, संगीत,एरोबिक्स, सामान्य वैज्ञानिक प्रयोग , मिट्टी की कलाकृतियाँ बनाना है | वर्ग (2) में कक्षा 4-8  तक के लिए , कराटे, कोरियोग्राफ़ी, संगीत,एरोबिक्स, व्यर्थ पदार्थो से आकर्षक वस्तुए बनाना , कशीदाकारी,  पाककला , बेडमिन्टन, म्यूरल-आर्ट , जिम्नास्टिक , पॉट मेकिंग, नाटक और रंगमंच , समारोह सज्जा   आदि हैं |

योगा, फन गेम्स, व्यक्तित्व-निर्माण,ट्रेकिंग,बाह्य-भ्रमण, लाइफ-स्किल्स,,डिनर-पार्टी अन्य आकर्षण होंगे | प्रधानाचार्या ने बताया कि इस कैंप का उद्देश्य जहां बच्चों को मनोरंजन प्रदान करना है, वहीँ उन्हें भावी जीवन के लिए तैयार करना भी है | अतः उनके लिए जीवन कौशल , व्यक्तित्व विकास,अच्छी आदतों का निर्माण आदि भी सिखाए जाएँगे | अंत में अरमान  ने  धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत  किया |   

 

Inter House Science Quiz Competition At Mukand Lal Public School

मुकन्दलाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी में नियमित गतिविधियों के अंतर्गत कक्षा छठी से बाहरवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अंतः सदन विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इस प्रतियोगिता के प्रथम स्तर पर सभी विद्यार्थियों ने सक्रीनिंग टेस्ट में भाग लिया तथा सफल हुए विद्यार्थियों ने अपने-अपने सदन का प्रतिनिधित्व करते हुए इस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया |इस प्रतियोगिता के पांच  आधार थे

1 General Round  

2 Problem Solving Round

3 Buzzer Round

4 Audio- Visual Round

5  Rapid Fire Round

सभी विद्यार्थी पूरी तैयारी के साथ थे  तथा सबने अपने-अपने सदन को सफल बनाने की कोशिश की | इस प्रतियोगिता के निम्नलिखित परिणाम रहे  

कक्षा VI  VIII                  कक्षा IX-X             कक्षा XI-XII

प्रथम  शक्ति  सदन               श्रद्धा सदन             सत्य सदन                 

द्वितीय सत्य सदन             शक्ति सदन                  शक्ति सदन                                        

तृतीय  - श्रद्धा सदन             शांति सदन             शांति सदन     

   इस प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका के रूप में श्रीमती मंजू आर्या ,   श्रीमती रजनी पुंडीर ,श्रीमती साधना मेहता, श्रीमती किरण मनोचा, श्रीमती पूजा कालड़ा एवं रोमी वशिष्ठ  उपस्थित रहे |

मंच संचालन विज्ञान विभाग की अध्यापिकाओ श्रीमती मंजू कौशल कविता भारद्वाज, श्रीमती बी. के. रीन तथा  ईशा लूथरा के द्वारा किया गया |

  इसके अतिरिक्त कक्षा पहली से बाहरवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अन्तःसदन विभिन्न  खेल -कूद सम्बंधित गतिविधियों का भी आयोजन किया गया जिनका परिणाम इस प्रकार रहा -

 खो-खो कक्षा III       कैरम कक्षा I-V        बास्केट बॉल प्रतियोगिताVI-XII

प्रथम    सत्य सदन      शांति सदन                 श्रद्धा सदन

द्वितीय  शक्ति सदन    शक्ति सदन                शांति सदन

तृतीय    शांति सदन     श्रद्धा सदन                  सत्य सदन   

 

प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला ने सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में नई चेतना और स्फूर्ति उत्पन्न करते है|   वैज्ञानिक दृष्टिकोण जहां विद्यार्थियों को तर्कशील बनाता है वहीं शारीरिक और खेल-कूद सम्बंधित गतिविधियाँ उन्हें स्वस्थ और सजग बनाती है इसलिए ऐसी गतिविधियों में हमेशा बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए |  

Tagore Day Celebrated At Mukand Lal Public School

मुकन्दलाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी में गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर की स्मृति में नाट्य मंचन का आयोजन किया गया | प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला ने रवीन्द्रनाथ टैगोर को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें बहुआयामी प्रतिभा का धनी व्यक्तित्व बताया तथा कहा कि वे प्रथम भारतीय थे जिन्हें उनकी कृति गीतांजलि के लिए विश्व का सर्वोच्च नोबल पुरस्कार (साहित्य के लिए) मिला | वे शिक्षाविद्, नाटककार , गीतकार, चित्रकार तथा कोमल भावनाओं के ज्ञाता है |

विद्यालय में रवीन्द्रनाथ टैगोर के जन्मोत्सव को मनाने के लिए उनके द्वारा रचित नाट्य कृति The trial का सफल मंचन किया गया जिसमे कक्षा छठी से नौवी तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया | नाटक का मुख्य विषय उदारता , संतोष तथा स्नेह जैसे सदभावों पर आधारित था जिसका खूबसूरत संदेश था कि वास्तविक प्रसन्नता भौतिक सुविधाओं की उपलब्धियों में नहीं वरन यह नैसर्गिक तथा ईश्वर की देन है तथा इस भाव को हमे समाज में भी संप्रेषित करना है | सभी विद्यार्थियों ने अपनी नाट्य प्रतिभा से नाटक के सभी पात्रों का मानो स्वाभाविक रूप सबके सामने उपस्थित कर दिया | सबका प्रयास प्रशंसनीय था |

प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला ने नाटक प्रस्तुतिकरण की भरपूर सराहना की तथा विजेताओ को प्रशस्ति पत्र वितरित किए |